दोनों पक्षों की जीत लोक अदालत की असली बुनियाद: जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी

शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ सदर तहसील सभागार में श्रीमान् जनपद न्यायाधीश श्री दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी के द्वारा दीप प्रज्‍जवलित कर किया गया । 


दोनों पक्षों की जीत लोक अदालत की असली बुनियाद: दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी

  • मुकदमा निस्तारण की संख्या 9173
  • अर्थ दंड की धनराशी पंद्रह लाख नब्बे हजार चार सौ नब्बे रही 
  • समझौते की राशि एक करोड़ अठ।वन लाख बयासी हजार नौ सौ

चंदौली। दोनों पक्षों की जीत ही लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य होता है।यह आम जनता की अदालत मुख्य रूप से कहने में कोई हर्ज नहीं है।जनता को आसानी से अपनी बात सुलह समझौते के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। ताकि ऊपर की अदालत में किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं होती है। यह अदालत की परिकल्पना वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने किया था। वह मानसिक रूप से सुदृढ़ मानसिकता से इस लोक अदालत की परिकल्पना किए थे। जिससे सामान्य जनता को लाभ मिल सके। वैसे अदालत की प्रक्रिया पूरी करने में बहुत समय लग जाता था। अब इससे समय की बचत हो जाएगी। और उस बचे हुए समय से हम लोग कठिन से कठिन मुकदमे के बारे में ज्यादा से ज्यादा समय दे सकेंगे। 



दोनों पक्षों की जीत लोक अदालत की असली बुनियाद: दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी


इस प्रकार लोक अदालत के महत्व को आम जनमानस में बहुत ही आसानी से समझा जा सकता है। जिसको अधिवक्ताओं द्वारा सामान्य जनता को बताने की जरूरत है।और आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में जितनी भीड़ देखी जा रही है उससे यह उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा पिछली लोक अदालत के अपेक्षा इस बार इस नए साल के पहले राष्ट्रीय लोक अदालत में वाद निस्तारण की संख्या सबसे ज्यादा होगी ।उक्त टिप्पणी जिला जज ने बहुत ही विश्वसनीय स्वर में कहीं ।


 शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ सदर तहसील सभागार में श्रीमान् जनपद न्यायाधीश श्री दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी के द्वारा दीप प्रज्‍जवलित कर किया गया । जिसमें, श्री सुबेदार सिंह अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत, श्री अशोक कुमार- xI अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश चन्दौली कक्ष संख्या-1, श्री राम बाबू यादव विशेष न्यायाधीश (एस.सी/एस.टी. एक्ट) चन्दौली,  श्री विकास वर्मा- । अपर जनपद न्यायाधीश / एफ0टी0सी0-प्रथम नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत चन्दौली, श्री अनुराग शर्मा विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) चन्दौली, श्री परितोष श्रेष्ठ अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश / एफ. टी. सी. द्वितीय, श्रीमती इशरत परवीन फारूकी मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्ट्रेट चन्दौली, श्री अरूण कुमार गुप्‍ता अपर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्ट्रेट (पू० म० रे०) मुगलसराय चन्‍दौली, श्रीमती निकिता गौड़ सिविल जज (सी. डि.) चन्‍दौली, डॉ0 इन्‍दु रानी सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्‍दौली, श्री कुंवर जितेन्‍द्र प्रताप सिंह सिविल जज (जू. डि.) चकिया चन्‍दौली, सुश्री माधुरी यादव सिविल जज (जू. डि.) चन्‍दौली, सुश्री नूतन न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्दौली / प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्‍याय बोर्ड चन्‍दौली, श्री यज्ञेश कुमार सोनकर अपर सिविल जज (जू. डि.) चकिया चन्‍दौली, सुश्री शिवानी सिविल जज (जू. डि.) / एफ. टी. सी.- प्रथम चन्‍दौली, सुश्री ईशा राय सिविल जज (जू. डि.) / एफ0टी0सी0- द्वितीय चन्‍दौली एवं श्री सुनील भगवत अग्रणी जिला प्रबन्धक चन्दौली व बैंक के अन्य पदाधिकारी, सिविल बार एसोसिएशन, चन्दौली के अध्यक्ष श्री डॉ0 विरेन्द्र प्रताप सिंह, महामंत्री श्री आशुतोष मिश्रा, डिस्ट्रिक डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन, चन्दौली के अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा, महामंत्री श्री सुलतान अहमद तथा प्रशासन के अधिकारी एवं जनपद न्यायालय चन्दौली के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहें । तहसील परिसर स्थित न्यायालयों में एवं जनपद के समस्त बैंकों द्वारा फिजीकल मोड में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गयी ।


दोनों पक्षों की जीत लोक अदालत की असली बुनियाद: दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी

 

जनपद  न्यायालय के न्यायालयों द्वारा निम्नलिखित वादों का निस्तारण किया गया है –

1. श्रीमान जनपद न्यायाधीश श्री दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी द्वारा कुल 02 इजराय  वादों का निस्तारण कर रू0 85,900 वसूल किया  गया ।

2. श्री किरन पाल सिंह प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय चन्दौली, द्वारा कुल 28 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 05 जोड़े साथ भेजे गये ।

3. श्रीमती रश्मि नन्दा, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण चन्दौली, द्वारा कुल 43 एम.ए.सी.टी. वादों का निस्तारण कर रूपये 1,31,50,000/ - का प्रतिकर दिलाया गया ।

4. श्री सुबेदार सिंह अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत चन्दौली, द्वारा कुल 05 वादों का निस्तारण कर रूपये 26,47,000/ - का समझौता राशि दिलाया गया ।

5. श्री अशोक कुमार- xI अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश चन्दौली कक्ष संख्या 1, द्वारा कुल 01 इजराय वाद  निस्तारण किया गया ।

6. श्री राम बाबू यादव विशेष न्यायाधीश (एस.सी/एस.टी. एक्ट) चन्दौली, द्वारा कुल 01 एन0आई0एक्ट  वाद का निस्तारण कर रूपया 25,500 समझौता राशि एवं दो अन्य वादों का निस्तारण कर रूपया 500 जुर्माना वसूल  किया  गया । 

7. श्री विकास वर्मा-। अपर जनपद न्यायाधीश / एफ0टी0सी0- प्रथम चन्दौली, द्वारा कुल 01 वादों का निस्तारण किया  गया । 

8. श्री अनुराग शर्मा विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) चन्दौली, द्वारा कुल 06 वाद का निस्तारण कर रूपया 600/- जुर्माना वसूल किया गया । 

9. श्री परितोष श्रेष्ठ अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश / एफ. टी. सी.- द्वितीय चन्दौली द्वारा कुल 203 विद्युत वादों का निस्तारण किया गया ।

10. श्रीमती इशरत परवीन फारूकी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्दौली, द्वारा कुल 3500 वादों का निस्तारण कर रूपया 10,30,000/- जुर्माना वसूल किया गया ।

11. श्रीमती निकिता गौड़ सिविल जज (सी.डि.), द्वारा कुल 16 सिविल वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 05 वादों में रू0 60,94,928/- उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया ।

12. श्री अरूण कुमार गुप्‍ता अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे द्वारा कुल 1850 वादों का निस्तारण कर  रूपया 4,14,700/- जुर्माना वसूल किया गया ।


दोनों पक्षों की जीत लोक अदालत की असली बुनियाद: दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी


13. सुश्री माधुरी यादव सिविल जज (जू.डि.) चन्दौली द्वारा कुल 203 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 01 वादों में  रूपया 2,75,486 का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया एवं शेष 202 वादों में 35,780.00 रूपया जुर्माना वसूल किया गया । 

14. श्री कुंवर जितेन्द्र प्रताप सिंह सिविल जज (जू.डि.) चकिया चन्दौली द्वारा कुल 603 वादों का निस्तारण कर रू0 23,020/- जुर्माना वसूल किया गया ।

15. श्री यज्ञेश कुमार सोनकर अपर सिविल जज (जू.डि.) चकिया चन्दौली द्वारा कुल 615 वादों का निस्तारण कर रू0 35,010/- जुर्माना वसूल किया गया ।

16. सुश्री नूतन न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्दौली / प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड चन्दौली, द्वारा कुल 104 वादों का निस्तारण कर रूपया 39,00/- जुर्माना वसूल किया गया ।

17. सुश्री शिवानी सिविल जज (जू.डि.)/ एफ.टी.सी.– प्रथम चन्दौली, द्वारा कुल 104 वादों का निस्तारण कर रूपया 5900/- जुर्माना वसूल किया गया । 

18. सुश्री ईशा राय, सिविल जज (जू.डि.) / एफ.टी.सी.– द्वितीय चन्‍दौली द्वारा कुल 452 वादों का निस्‍तारण कर रूपया 13,260/- जुर्माना वसूल किया गया । 

19. उपरोक्तानुसार जनपद न्यायालयों द्वारा कुल 9173 मुकदमों का निस्तारण किया गया ।

20. सभी बैंकों द्वारा कुल 563 ऋण खातों का निस्तारण कर रूपया 7,14,14,000/- (सात करोड़ चौदह लाख चौदह हजार) का समझौता किया गया एवं रूपया 3,21,07,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख सात हजार) नकद वसूला गया ।

21. जनपद के सभी राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 67145 मामलों का निस्तारण किया गया ।

 उक्त सूचना डॉ0 इन्दु रानी सिविल जज(सी0डि0)/सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चन्दौली  द्वारा दी गयी । उपरोक्तानुसार जनपद न्यायालयों द्वारा वसूल किये गये अर्थदण्ड की धनराशि रूपये 15,90,490/- (पन्द्रह लाख नब्बे हजार चार सौ नब्बे) तथा समझौता राशि रूपया 1,58,82,900/- (एक करोड़ अठ्ठावन लाख बयासी हजार नौ सौ) तथा दिलाये गये उत्तराधिकार प्रमाण की धनराशि रू0 63,70,414/- (तीरसठ लाख सत्तर हजार चार सौ चौदह) है, तथा उक्त समस्त न्यायालयों द्वारा निस्तारित किये गये कुल मुकदमों की संख्या 9173 है । जनपद चन्दौली के न्यायालय, राजस्व विभाग एवं बैंक के द्वारा आज दिनांक 14.03.2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 76881 वादों का निस्तारण किया गया ।