पुलिस ने मोबाइल टावरों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (कार्ड) चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
चंदौली न्यूज़ प्रिंट /ब्यूरो चीफ दिवाकर राय
अलीनगर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मोबाइल टावरों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (कार्ड) चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के पास से करीब 5 लाख रुपये कीमत के चोरी के उपकरण बरामद हुए हैं।
गोधना अंडरपास के पास से हुई गिरफ्तारी
अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दिनांक 21 अप्रैल 2026 की रात करीब 11:46 बजे गोधना अंडरपास के पास घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने मिर्जापुर निवासी दो अभियुक्तों को दबोच लिया, जो मोबाइल टावरों से चोरी करने में माहिर हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:
मनीष कुमार (25 वर्ष) पुत्र छोटू, निवासी: ग्राम बहुआर, थाना जमालपुर, जनपद मिर्जापुर।
कमलेश पटेल (29 वर्ष) पुत्र राम सूरत पटेल, निवासी: सरैया कमरहट्टा, थाना पडरी, जनपद मिर्जापुर।
5 लाख का माल बरामद, दिल्ली में होता था सौदा
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे मोबाइल टावरों से कीमती 'अंजना नोकिया' कार्ड और अन्य उपकरण चोरी करते थे। इन उपकरणों को वे बस के जरिए दिल्ली ले जाते थे और वहां अपने साथियों को प्रति कार्ड लगभग 30,000 रुपये में बेच देते थे।
बरामदगी का विवरण:टावर उपकरण: 03 अंजना नोकिया कार्ड (अनुमानित कीमत ₹5 लाख)।मोबाइल: 02 फोन (सैमसंग और वीवो)।नकदी: 250 रुपये।
सदलपुरा टावर चोरी का खुलासा
बीते 29 मार्च 2026 को ग्राम सदलपुरा स्थित इण्डस/एयरटेल टावर से कीमती उपकरणों की चोरी हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से इन अभियुक्तों को चिन्हित किया था। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे पहले भी चोरी का माल दिल्ली में बेचकर पैसा यूपीआई (UPI) और नकद प्राप्त कर चुके हैं।
शातिर अपराधी हैं पकड़े गए युवक
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है। मनीष कुमार के खिलाफ अलीनगर थाने में तीन और कमलेश पटेल के खिलाफ अलीनगर व रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में कुल चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 317(2) BNS के तहत कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफल अभियान में प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला के साथ उप-निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, आशुतोष कुमार गुप्ता, धुरन्धर प्रसाद और हेड कांस्टेबल राकेश कुमार मौर्य, बाबूलाल सरोज व नन्दलाल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नोट: यह समाचार रिपोर्ट पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी और एफआईआर विवरण पर आधारित है।

