आकांक्षी जिला को हम रचनात्मक सोच से अपने व्यवहार के परिवर्तन से जन सहयोग से प्रेरणात्मक जिला कहने में कोई हर्ज नहीं होगा।
- आकांक्षी जिला चंदौली प्रेरणात्मक जिला हो सकता है : उप जिलाधिकारी सदर
- 'चंदौली समाचार' ने आयोजित किया तीन दिवसीय 'चंदौली कांक्लेव '
चंदौली। आकांक्षी जिला को हम रचनात्मक सोच से अपने व्यवहार के परिवर्तन से जन सहयोग से प्रेरणात्मक जिला कहने में कोई हर्ज नहीं होगा। 10 साल बाद अगर कोई पूछे कि आप किस जिले से हैं तो आप सिर्फ प्रेरणात्मक जिला कह सकते हैं उक्त बात को शनिवार उप जिलाधिकारी सदर दिव्या ओझा ने जन समुदाय के सामने कहीं।
जनपद में इस समय ' चंदौली समाचार' के तरफ से तीन दिवसीय चंदौली कांक्लेव के रूप में आयोजन हो रहा है। आगे उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि अगर चाहे तो जनपद चंदौली को पर्यटन के रूप में राजदारी देवदरी एवं लतीफ शाह इन पहाड़ों को बहुत बढ़िया तरीके से बनाकर इस जिले को बदल सकते हैं जनता के प्रतिनिधि को चाहिए कि समाज के लिए कार्य करें तथा आपका जिला अपने आप दौड़ने लदेगा।केवल नजरिया बदलने का है। हम तो नौगढ़ को देख चुके हैं नौगढ़ में रहे हैं वहां पर शिक्षा का स्तर बहुत ही निम्न स्तर का है।
वहां पर टूरिज्म को बढ़ावा देने में पूरी तरह से वहां का माहौल बदल सकता है। हम चहनियां ब्लॉक में भी रह चुके हैं। वहां हमने 'गांव का गौरव' नामक शीर्षक से हर गांव में शिक्षा पर काम किया। जो बहुत बढ़िया लड़के पढ़ने वाले थे उनको हम लोगों ने प्रमोट किया और मान लीजिए एक दिन के लिए ही अगर जिस विद्यालय का प्रिंसिपल लड़का बनता है तो उसका नाम आंगनबाड़ी में लिख दिया जाता था। वहां पर वह बच्चा जब भी आएगा देखेगा कि यहां मैं एक बार प्रिंसिपल रहा हूं ।
इस प्रकार से " गांव का गौरव " को पूरे हिंदुस्तान में प्रथम स्थान मिला था। हम लोग हिंदुस्तान में प्रथम आए थे लेकिन इस प्रकार से नौगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा देकर नए रोजगार को हम आमंत्रित कर सकते हैं। लीक से थोड़ा हटकर देखिए कि अगर आप नवरात्र में कन्या पूजन करते हैं तो कन्या पूजन का प्रोग्राम आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर करिए । बर्थडे बच्चों का होता है आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर करिए।
विद्यालय में आप बर्थडे मनाइए इससे यह होगा कि बर्थडे के नाम पर अन्य बच्चों में भी कुछ न कुछ खाने के लिए मिलेगा बढ़िया चीज मिलेगा इससे क्या होगा कि उनके मस्तिष्क में इस प्रकार की भावना सामूहिक भावना जुड़ेगी। छोटी-छोटी कर्मियों को आप हमेशा दिमाग में रखे रहिए जैसे सिंगल प्लास्टिक उसे यूज करने वाली चीज नहीं है।
उस प्लास्टिक को इस्तेमाल मत करिए नहीं करेंगे तो कूड़ा कचरा नहीं होगा। खेत नष्ट नहीं होगा ।क्योंकि प्लास्टिक को जमीन में गाड़ दीजिए लेकिन वह नष्ट नहीं होगा तो इस तरह से जमीन की उर्वरा नहीं मरेगी। आप अपने आप को खुद समझिए की सामाजिक विकास के साथ-साथ मेरा आर्थिक विकास कैसे होगा।
इस प्रकार से अधिकारियों का आप सहयोग लीजिए, अधिकारी खुद चार कदम आगे बढ़कर आपकी मदद करेगा। और रही बात चंदौली के विकास के बाद तो केवल यहां पर विकास जुबान से कहीं जा रही है करने के लिए एक कदम आगे भी नहीं बढ़ाया जा रहा है। थोड़ा सा काम जनप्रतिनिधि करें और प्रेरणात्मक जिला में रहने का गौरव प्राप्त करिए।


