चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र में तीन महीने में चार चोरी की घटनाओं का अब तक खुलासा नहीं हो सका। 75 गांवों में भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद ग्रामीणों ने गश्त और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
- तीन महीने में चार बड़ी चोरी की घटनाएं, पुलिस गश्त पर उठे सवाल
चंदौली : सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते तीन महीनों में चार बड़ी चोरी की घटनाएं सामने आईं, लेकिन अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गश्त केवल कागजों व व्हाट्सअप तक सीमित रह गई है, जिसके कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।
जानकारी के अनुसार सकलडीहा कोतवाली के अंतर्गत आने वाले करीब 75 गांवों की सुरक्षा के लिए चार बीट बनाई गई हैं, जहां 23 दरोगा और लगभग 50 सिपाहियों की ड्यूटी है। इसके बावजूद लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
मिठाई दुकान से लेकर लाखों के जेवर और बाइक तक चोरी
पहली घटना 1 फरवरी को डेढ़ावल चौकी क्षेत्र के रानेपुर गांव में हुई, जहां चोरों ने मिठाई की दुकान का ताला तोड़कर करीब 4 हजार रुपये नकद और लगभग 10 हजार रुपये की मिठाइयों पर हाथ साफ कर दिया।
इसके बाद 3 फरवरी को सघन तिराहे के पास सैदपुर के सरीफपुर निवासी गायत्री देवी से दो युवकों ने सोने का झाला और 1500 रुपये छीनकर फरार हो गए।
वहीं 19 फरवरी को सरेहुआ गांव में दिनदहाड़े अनिल प्रताप पांडेय के घर में चोरी की बड़ी वारदात हुई। चोर घर से 70 हजार रुपये नकद समेत लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने के हार, कंगन, सिकड़ी और अंगूठियां शामिल थीं।
इसके अलावा 2 मई को सकलडीहा रेलवे स्टेशन परिसर से बहरवानी गांव निवासी राहुल राजभर की मोटरसाइकिल दिनदहाड़े चोरी हो गई। पीड़ित का आरोप है कि घटना के 15 दिन बाद तक पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया।
ग्रामीण बोले- गश्त कम होने से बढ़ रही घटनाएं
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बीट इंचार्ज और पुलिसकर्मी नियमित गश्त नहीं करते, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने और क्षेत्र में प्रभावी गश्त बढ़ाने की मां ग की है।
बताया जा रहा है कि पूर्व कोतवाल के समय पशु तस्करी, अवैध शराब और चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते थे, लेकिन वर्तमान समय में कार्रवाई कमजोर पड़ गई है।
खोर और भोजापुर में खुलेआम कौन बिकवा रहा गांजा ?
खोर और भोजापुर गांवों में अवैध रूप से गांजा बिक्री का मामला भी चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। अब सवाल यह है कि यहां कौन खुलेआम गांजा बिकवा रहा है?
पुलिस का बयान
क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए संबंधित थाना और चौकी पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। लोंगो कहना है कि अब सकलडीहा का अपराध अधिकारियों के निर्देश और लापरवाही के जाल में उलझ कर रह गया है , इसका उदाहरण है चोरी की घटनाओं का खुलासा न होना।

