डीएम ने जल जीवन मिशन योजना के कार्यों में शिथिलता पर जताई नाराजगी, गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

District Magistrate Chandra Mohan Garg ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक में 3 कंपनियों के स्टेट हेड नहीं पहुंचे। 

 
  • जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे 3 कंपनियों के स्टेट हेड,कारण बताओ नोटिस जारी 

चंदौली। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा कार्य का निरीक्षण कर फोटो के साथ उपलब्ध कराए। 

उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यों की स्थलीय निगरानी टेक्निकल टीम के द्वारा कराई जाय और संबंधित निर्माण एजेंसियां कार्य को पूर्ण होने की लिखित सूचना अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों द्वारा कार्यों में देरी की जा रही है, उनके विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या घटिया सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अगर सरकार की महत्वकांक्षी योजना के कार्य करने में कोई बेवजह रुकावट उत्पन्न करता है तो तत्काल FIR की कार्यवाही करे। 



जिलाधिकारी ने अधि अभि जल निगम को निर्देशित करते हुये कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कंपनियों द्वारा कराए गए कार्यों का गठित टीम के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण कराए जिसमें देखे कि इनके द्वारा पाईप लाईन का कार्य करने के बाद कितनी रोड अभी तक बनानी बच गई है,कितने घरों में पाईप लाइन का कार्य पूरा हो चुका और कितने जगहों पर पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है। 

निरीक्षण की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रत्येक दिन शाम को उपलब्ध कराए। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुये कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मै खुद बिना बताए निरीक्षण करूंगा और मेरे निरीक्षण के दौरान रिपोर्ट के अनुसार थोड़ी भी अनियमिता मिलने पर माफ़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति की स्थिति अभी भी काफी खराब है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलापूर्ति को सुचारु और नियमित बनाए जाने के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं और प्रभावी रणनीति बनाकर तुरंत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरों में नल कनेक्शन, पाइपलाइन बिछाने, वितरण प्रणाली, टंकी निर्माण तथा सड़क मरम्मत जैसे सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और मानक अनुरूप पूरे किए जाएं, जिससे ग्रामीण जनता को इस महत्वपूर्ण योजना का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके।

जनपद में कुल पांच कंपनियां कार्य कर रही है बैठक में दो कंपनियों स्टेट हेड उपस्थित रहे,अनुपस्थित रहे स्टेट हेड पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले बैठक शत-प्रतिशत उपस्थित रहने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, डीपीआरओ नीरज सिंहा अधिशासी अभियंता जल निगम विवेक कुमार, सहित कम्पनियों के अधिकारी उपस्थित रहें।

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