हिंदी पत्रकारिता दिवस पर AI और पत्रकारिता पर चर्चा: चंदौली प्रेस क्लब के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन में विद्वान और पत्रकार जुटे

हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर शनिवार को चंदौली प्रेस क्लब ने अपना एनिवर्सरी सेलिब्रेशन किया। प्रोग्राम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर पर गहरी चर्चा हुई।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर AI और पत्रकारिता पर चर्चा: चंदौली प्रेस क्लब के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन में विद्वान और पत्रकार जुटे

चंदौली: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर शनिवार को चंदौली प्रेस क्लब ने अपना एनिवर्सरी सेलिब्रेशन किया। प्रोग्राम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर पर गहरी चर्चा हुई। जिले भर के पत्रकारों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसमें उत्साह से हिस्सा लिया।

वाराणसी की संस्कृत संपूर्णानंद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. बिहारी लाल शर्मा गेस्ट ऑफ ऑनर थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इसकी सबसे बड़ी ताकत निष्पक्षता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पत्रकारिता किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं होनी चाहिए, बल्कि सच्चाई और समाज की भलाई की वकालत करनी चाहिए। स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।

AI के दौर में पत्रकारों को टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा

मुख्य वक्ता प्रो. वशिष्ठ द्विवेदी 'अनूप' और वरिष्ठ पत्रकार और लेखक विजय विनीत ने पत्रकारिता के सामने आने वाली चुनौतियों और लगातार बदलते तकनीकी माहौल पर अपने विचार शेयर किए। सीनियर जर्नलिस्ट विजय विनीत ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का होगा। 

इसलिए, जर्नलिस्ट को नई टेक्नोलॉजी सीखने और अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी सीधे तौर पर किसी की जगह नहीं लेगी, लेकिन जो लोग समय के साथ नहीं ढलेंगे, वे पीछे रह जाएंगे।

 विनीत ने बताया कि उन्होंने AI जर्नलिज्म पर वर्कशॉप की हैं और इस सब्जेक्ट पर देश की पहली किताब "AI जर्नलिज्म" भी लिखी है। जर्नलिज्म सिर्फ रील्स और YouTube चैनल के बारे में नहीं है। युवा जर्नलिस्ट से विजय विनीत ने कहा कि जर्नलिज्म सिर्फ खबरें लिखना, रील्स बनाना या YouTube चैनल चलाना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक सफल जर्नलिस्ट के लिए भाषा, ग्रामर, टेक्निकल नॉलेज और AI की समझ बहुत ज़रूरी है। 

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर AI और पत्रकारिता पर चर्चा: चंदौली प्रेस क्लब के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन में विद्वान और पत्रकार जुटे

उन्होंने जर्नलिस्ट से ओरिजिनल रिसर्च और राइटिंग पर ज़ोर देने की अपील की। ​​उन्होंने कॉपी-पेस्ट करने के बढ़ते ट्रेंड पर भी चिंता जताई और कहा कि भाषा और ग्रामर जर्नलिज्म की नींव हैं। अगर जर्नलिस्ट भाषा पर अच्छी पकड़ नहीं रखेंगे, तो जर्नलिज्म की क्वालिटी पर असर पड़ेगा। निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को मज़बूत बनाने का संकल्प

प्रोग्राम के दौरान, आज पत्रकारिता के सामने आने वाली चुनौतियों, लोकतंत्र में मीडिया की ज़िम्मेदारियों और बदलते टेक्नोलॉजी के माहौल में पत्रकारों की भूमिका पर गहरी चर्चा हुई।

इस इवेंट में चंदौली प्रेस क्लब के प्रेसिडेंट अमरेंद्र पांडे; जनरल सेक्रेटरी बृजेश कुमार; ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट आनंद सिंह; वाइस प्रेसिडेंट राजीव जायसवाल; सेक्रेटरी संदीप निगम; ट्रेज़रर कृष्ण मोहन गुप्ता; फाउंडर प्रेसिडेंट के.सी. श्रीवास्तव; आशाराम यादव, कृष्णकांत गुप्ता, पवन तिवारी, संजीव पाठक, सरदार महेंद्र सिंह, करुणापति तिवारी, कमलेश तिवारी, सूर्य प्रकाश सिंह; ऑफिशियल लैंग्वेज ऑफिसर दिनेश चंद्र, सतीश जिंदल, मंजीत जुनेजा; और बड़ी संख्या में पत्रकार और जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर AI और पत्रकारिता पर चर्चा: चंदौली प्रेस क्लब के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन में विद्वान और पत्रकार जुटे

प्रोग्राम का समापन हिंदी भाषा की पत्रकारिता के विकास को बढ़ावा देने, निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने और पत्रकारों की नई पीढ़ी को मज़बूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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