लोक अदालत के माध्यम से हाई कोर्ट के पुराने से पुराने मुकदमों का समझौते के द्वारा निस्तारण किया जाएगा, इस पहल के लिए अब जनपद चंदौली के गांव गांव में जाकर सामान्य जनता को बताने की जरूरत महसूस की गई।
- आम जनता में इस विधा को समझने के लिए चलेगा अभियान
- जागरूकता के लिए जन सहभागिता बढ़ाने का विशेष अभियान
चंदौली। शासन स्तर से सबका साथ सबका विकास का जो स्लोगन समाज में फैलाया जा रहा था उसका एक मुर्त रूप से उदाहरण सामने दिखाई देने लगा जिसमें लोक अदालत के माध्यम से हाई कोर्ट के पुराने से पुराने मुकदमों का समझौते के द्वारा निस्तारण किया जाएगा इस पहल के लिए अब जनपद चंदौली के गांव गांव में जाकर सामान्य जनता को बताने की जरूरत महसूस की गई।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार व उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं सचिव श्रीमती निकिता गौड़ के निर्देशन में समाधान समारोह 2026 (विशेष लोक अदालत) के संबंध में जन-जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ है जो 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ संपन्न होगा । इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है ।
सचिव ने बताया है कि इस अभियान के अतंर्गत वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को अपने लंबित मामलों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है । उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की, कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए आपसी सहमति से अपने विवादों का निस्तारण करें एवं इच्छुक वादकारी निर्धारित गूगल फार्म जिसकी लिंक के माध्यम से 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं ।
इसके अतिरिक्त, सुलह बैठकों का आयोजन विभिन्न स्तरों पर स्थापित मध्यस्थता केंद्रों में किया जाएगा, जहाँ पक्षकार आनलाइन अथवा आफलाइन दोनो माध्यमों से भाग ले सकते हैं । सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि वे इस महत्वपूर्ण पहल में सक्रिय सहभागिता करें और न्याय को सरल, सुलभ एवं शीघ्र बनाने में सहयोग प्रदान करें ।

