किसान दिवस: धान रोपाई के चालू सीजन को लेकर जिलाधिकारी गंभीर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। 

किसान दिवस: धान रोपाई के चालू सीजन को लेकर जिलाधिकारी गंभीर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

  • नहरों के टेल तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें अधिकारी 
  • कटी हुई नहर जहां दिखी संबंधित सर्किल इंचार्ज जाएगा जेल

चंदौली। जिलाधिकारी के कड़े तेवर ने बरसात नहीं होने की समस्या का जिला अधिकारी के सिर पर चढ़कर बोल रहा है और उन्होंने आज संबंधित अधिकारियों को दो टूक कह दिया की बरसात नहीं हो रही है. किसान की समस्या सामने है और उनकी समस्या हल नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी आप की है।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक 'किसान दिवस' की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने धान रोपाई के वर्तमान सीजन और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कृषि और सिंचाई से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में रतन सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, बलदाऊ सिंह, रामअवध सिंह, मणिदेव चतुर्वेदी, शम्भूनाथ सिंह, मुन्ना सिंह आदि प्रगतिशील कृषकों द्वारा समस्त नहरों में टेल तक पानी न पहुँचने, नहरों के हेड पर पानी रोकने, बन्धियों में मत्स्य पालन कर अतिक्रमण करने, बिजली के लो वोल्टेज की समस्या, उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे हेतु जमीन अधिग्रहित हेतु उचित सर्किट दिलाने, गंदा नाला की सफाई, आदि समस्याओं से अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि रोपाई और धान की फसल के लिए नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि फीडरों को निर्धारित शिड्यूल के अनुसार पूरी बिजली दी जाए, ताकि नलकूपों के संचालन में बाधा न आए। 

जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारी को समितियों और निजी दुकानों पर खाद (यूरिया/डीएपी) की उपलब्धता पर नजर रखने को कहा है।किसान दिवस में प्राप्त बिजली बिल सुधार, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और राजस्व संबंधी मामलों को एक सप्ताह के भीतर निपटाने के लिए संबंधित पटल प्रभारियों को जवाबदेह बनाया गया है।

किसान हमारे अन्नदाता हैं और धान का यह सीजन उनकी सालभर की मेहनत का आधार है। प्रशासनिक स्तर पर खाद, पानी या बिजली की कमी के कारण किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लें। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा सभी कृषकों को मखाना बीज अनुदान पर उपलब्ध होने तथा सिंघाड़े का बीज शीघ्र ही प्राप्त होने की जानकारी दी।

सिंचाई विभाग चन्दौली को अपने अधिनस्थ क्षेत्रीय कार्मिकों के माध्यम से नहरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा अधिसाशी अभियन्ता, बन्धी डिविजन को गन्दा नाला की साफ-सफाई कराने, नरौली, महुजी, गुरैनी पम्प कैनाल पत्थर पीचिंग कार्य के सत्यापन कराने एवं अधिसाशी अभियन्ता, विद्युत को बिजली रोस्टर की समीक्षा करने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा अधिसाशी अभियन्ता सिंचाई विभाग को पानी की उपलब्धता हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित करने तथा नहरों में कटिंग/बॉधनें जैसी घटना आने पर कार्यवाही करने के साथ-साथ समस्त जनपदीय अधिकारी को किसान दिवस में उठायी गयी समस्याओं का मौके पर निरीक्षण करते हुए निस्तारण कर अगली बैठक में उपस्थित रहने के लिये निर्देशित किया गया।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्याययिक) रतन वर्मा, उप कृषि निदेशक भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे, सिंचाई एवं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जनपद में खरीफ फसलों के लिए उर्वरक की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर न दें ध्यान: जिला कृषि अधिकारी

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसान भाइयों को आश्वस्त किया है कि जनपद में खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह में बिल्कुल न आएं।

इस वर्ष जनपद में खरीफ सीजन के दौरान कुल 1,22,000 हेक्टेयर में फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से मुख्य रूप से धान की फसल की बुवाई के लिए 1,05,000 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है।जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस समय जनपद में खाद की उपलब्धता काफी बेहतर है।

जनपद में गत वर्ष से वर्तमान समय में उर्वरक के उपलब्धता की तुलना करे तो वर्तमान समय में यूरिया 17660 मै०टन, एम०ओ०पी० 427 मै०टन एस०एस०पी० 13962 मै०टन, डी०ए०पी० 5602 मै०टन तथा एन०पी० के० 4258 मै०टन उपलब्ध है। जबकि गतवर्ष यूरिया 18670, डी०ए०पी० 3924, एम0ओ0पी0 816 मै०टन, एन०पी०के० 2379 मै०टन, एस०एस०पी० 11753 मै०टन उपलब्ध थी इस प्रकार वर्तमान समय में गत वर्ष की अपेक्षा उर्वरक की उपलब्धता अधिक है। इसके अलावा एक सप्ताह के अन्दर इफकों, कृमको सहित अन्य कम्पनियों के लगभग 4200 मै०टन यूरिया और 300 मै०टन डी०ए०पी० और आ जायेगी तथा 1600 मै०टन डी०ए०पी० इफको की रैंक 14.07. 2026 को आ गयी है।

 जिनमें से 660 मै०टन डी०ए०पी० विभिन्न समितियों को भेज दी गयी है। सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि उर्वरक बिक्री केन्द्रों से अपनी खतौनी के अनुसार पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर नियमानुसार उर्वरक क्रय करें। सभी रिटलर्स को निर्देशित किया जाता है कि वे किसान भाईयो को जिनको उर्वरक की जरूरत है सिर्फ वही उर्वरक ही निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराये यदि किसी रिटेलर्स के द्वारा जबरदस्ती कोई उत्पाद दिया जाता है तो सही तथ्य पाये जाने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

 इसके साथ ही साथ निर्देशित किया जाता है कि वे अपना स्टाक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर, लाइसेंस एवं रेट बोर्ड अपडेट रखें अन्यथा निरीक्षण के समय कोई विसंगति पायी जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। जनपद में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। इस लिए किसान भाई किसी भ्रम अथवा अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दे। उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान भाई 10 से 5 बजे के बीच में 7839882312, 8318181081 पर फोन कर सकते है।