विशुनपुरा गांव निवासी 45 वर्षीय चंद्रशेखर राजभर की शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सदर थाना क्षेत्र के जिला अस्पताल से दवा लेकर घर लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
- तेज रफ्तार ने ले ली उसकी जान
चन्दौली : जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी 45 वर्षीय चंद्रशेखर राजभर की शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सदर थाना क्षेत्र के जिला अस्पताल से दवा लेकर घर लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सकलडीहा थाना पुलिस ने देर रात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक मजदूर था और अपनी पत्नी और तीन बच्चों का पेट पालता था।
मृतक विशुनपुरा गांव के रहने वाले सिखारी राजभर के तीन बेटे सियाराम राजभर, चंद्रशेखर राजभर, कृष्णा राजभर और एक बेटी आशा है। तबीयत खराब होने पर 45 साल के चंद्रशेखर राजभर सुबह-सुबह साइकिल से घर से निकले और सकलडीहा साधन चौराहे पर पहुंचे। वहां से वह दवा लेने के लिए एक गाड़ी से जिला अस्पताल गए। दवा लेकर लौटते समय किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और भाग गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया।
वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव को घर ले गए। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है। युवक मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। चंद्रशेखर की अचानक मौत से उनकी पत्नी हसीना, बेटा गौरव और बेटियां कौजल और आरो सदमे में हैं।
मौके पर पहुंचे तहसील प्रशासन के सीनियर वकील अजय कुमार सिंह ने परिवार को तहसील अधिकारियों के ज़रिए हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया। कोतवाल भूपेंद्र निषाद ने बताया कि बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
