धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में रविवार को भारतीय वायुसेना के जांबाज रणबांकुरों का हवाई करतब देखने के लिए दर्शकों और श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा.
चंदौली ब्यूरो चीफ दिवाकर राय (पूर्वांचल न्यूज़ प्रिंट): धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में रविवार को भारतीय वायुसेना के जांबाज रणबांकुरों का हवाई करतब देखने के लिए दर्शकों और श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि नमो घाट से लेकर आसपास के सभी तटीय इलाके पूरी तरह जनसमूह से पट गए। गंगा के आकाश में वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज कलाबाजियों का दीदार करने के लिए सुबह से ही लोगों का हुजूम घाटों की ओर उमड़ पड़ा था। दोपहर होते-होते आलम यह हो गया कि घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
नमो घाट से लेकर सुजाबाद और कटेसर तक दर्शक ही दर्शक
वायुसेना के इस ऐतिहासिक एयर शो का मुख्य केंद्र नमो घाट था, लेकिन वहां भारी भीड़ को देखते हुए लोगों ने गंगा पार और आसपास के अन्य घाटों का रुख किया:
तटीय इलाकों में भारी जमावड़ा: नमो घाट के साथ-साथ बहादुरपुर, अवधूत भगवान राम घाट, डोमरी, कटेसर और सुजाबाद घाटों पर भी हजारों की तादाद में दर्शक डटे रहे।
रेती और नावों से देखा शो: गंगा पार डोमरी और कटेसर की रेतीली जमीन पर भी मीलों तक सिर ही सिर नजर आ रहे थे। इसके अलावा गंगा में मौजूद सैकड़ों छोटी-बड़ी नौकाओं पर सवार होकर भी लोगों ने आसमान में लड़ाकू विमानों के करतबों को अपने कैमरों में कैद किया।
जगह पूरी तरह भर जाने के बाद भी दूर-दराज के इलाकों और पड़ोसी जनपदों (चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर) से लोगों का लगातार पहुंचना जारी रहा।
वाहनों पर पाबंदी, नमो घाट से पड़ाव तक लगा पैदल यात्रियों का रेला
भीड़ के अत्यधिक दबाव और सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन द्वारा नमो घाट की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी।
इसके चलते हजारों लोगों को अपने वाहनों को काफी दूर छोड़ना पड़ा और वे परिवार सहित पैदल ही घाटों की ओर बढ़े।
एयर शो समाप्त होने के बाद जब एक साथ लाखों लोग बाहर निकले, तो नमो घाट से लेकर पड़ाव चौराहे तक का पूरा संपर्क मार्ग पैदल चलने वाले दर्शकों से खचाखच भर गया।
पड़ाव चौराहे और राजघाट पुल के आसपास कई घंटों तक भीषण पैदल जाम और धीमी गति के यातायात की स्थिति बनी रही।
सुरक्षा बलों को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
अभूतपूर्व भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ से बचने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों के जवानों को मोर्चा संभालना पड़ा। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और एक ही स्थान पर अनावश्यक न रुकने की अपील की जाती रही। भारी दिक्कतों और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर कोई वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन का साक्षी बनकर रोमांचित दिखा।



